ऐपल का आज Show Time इवेंट है. इस इवेंट में कंपनी नई वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस लॉन्च करने की तैयारी में है. नेटफ्लिक्स और ऐमेजॉन प्राइम को इससे सीधी टक्कर मिलेगी. कुछ महीने से लगातार ऐपल के वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस से जुड़ी रिपोर्ट्स आ रही हैं. ऐपल इस लॉन्च के साथ अपने कई ऑरिजनल कॉन्टेंट भी लॉन्च करेगी.
ऐपल के इस इवेंट की शुरुआत भारतीय समयानुसार रात के 10.30 बजे से शुरू होगा. ऐपल का ये स्पेशल इवेंट स्टीव जॉब्स थियेटर में आयोजित होगा. कंपनी इसकी लाइव स्ट्रीमिंग करेगी और आप इसे लाइव देख सकेंगे. इसके लिए आपको इस लिंक को फॉलो करना है. apple.com/apple-events/livestream
रिपोर्ट के मुताबिक ऐपल अपनी वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस के साथ इस मार्केट को डिसरप्ट कर सकती है. क्योंकि कंपनी एचबीओ, शोटाइम और स्टार्ज के कॉन्टेंट के साथ वीडियो स्ट्रीमिंग स्पेस में धमाकेदार एंट्री की तैयारी कर रही है. ऐपल नेटफ्लिक्स की तरह ही ऑरिजनल कॉन्टेंट भी अपनी इस वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस पर देगी.
ऐपल के इस इवेंट को मैकबुक, आईमैक पर देख सकते हैं. इसके अलावा माइक्रोसॉफ्ट Windows 10 के ऐज ब्राउजर और क्रोम या फायरफॉक्स पर इसे देख सकते हैं. इसके अलावा इस बार कंपनी ट्विटर पर भी लाइव स्ट्रीमिंग कर रही है. ट्विटर पर लाइव अपडेट्स के लिए ऐपल के ट्वीट को लाइक कर सकते हैं.
इस इवेंट में क्या होगा लॉन्च
--- ऐपल के इस इवेंट में हार्डवेयर प्रोडक्ट लॉन्च होने की कोई उम्मीद नहीं है. इस दौरान कंपनी सर्विस लॉन्च करेगी और इसमें मुख्य वीडियो स्ट्रीमिंग सर्विस होगी.
--- न्यूज और मैगजीन सर्विस की भी शुरुआत की जा सकती है. इनमें से कुछ सर्विस पेड होगी.
--- रिपोर्ट्स के मुताबिक इस इवेंट में ऐपल क्रेडिट कार्ड भी लॉन्च हो सकता है. ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक iOS 12.2 में को ब्रांडेड ऐपल क्रेडिट कार्ड आएगा जिसे गोल्डमैन और सैक्स के साथ मिलकर बनाया गया है.
कांग्रेस ने अपने मुस्लिम प्रत्याशियों के जरिए सपा-बसपा गठजोड़ का करारा जवाब दिया था. कांग्रेस ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की चार लोकसभा सीटों पर मुस्लिम उम्मीदवार उतारे थे. मुरादाबाद, बिजनौर, सहारनपुर और अमरोहा चार ऐसे लोकसभा क्षेत्र हैं, जहां से कांग्रेस ने मुस्लिम चेहरों को मौका दिया है. मुरादाबाद से इमरान प्रतापगढ़ी, बिजनौर से नसीमुद्दीन सिद्दीकी, सहारनपुर से इमरान मसूद और अमरोहा से राशिद अलवी को टिकट दिया गया है. ये चारों सिर्फ प्रत्याशी भर नहीं हैं, बल्कि इनकी अपनी अलग खास पहचान भी है. अब इनमें से एक राशिद अल्वी ने चुनाव लड़ने से मना कर दिया है. कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता राशिद अल्वी पूरे देश में अपनी पहचान रखते हैं.
राशिद के चुनाव नहीं लड़ने से कांग्रेस को बड़ा झटका
अब तक मायावाती लगातार कांग्रेस पर हमले कर रही थीं. इसके जवाब में कांग्रेस ने चार मुस्लिम उम्मीदवार मैदान में उतार दिए थे. राजनीतिक विश्लेषकों की माने तो जिन लोकसभा सीटों पर 20 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम आबादी है, और वहां गठबंधन का कोई मुस्लिम उम्मीदवार नहीं है, वहां कांग्रेस ने अपने मजबूत मुस्लिम उम्मीदवार उतारने की रणनीति अपनाई है. लेकिन राशिद अगर चुनाव नहीं लड़ेंगे तो मायावती की पार्टी बसपा के अमरोहा प्रत्याशी दानिश अली के जीतने की उम्मीद बढ़ जाएंगी. पश्चिमी यूपी में कांग्रेस के मुस्लिम उम्मीदवारों वाली रणनीति सपा-बसपा गठबंधन को नुकसान पहुंचाने वाली थी, लेकिन अब राशिद अल्वी के जाने के बाद गठबंधन को अच्छा मौका मिल सकता है.
चारों सीटों पर मुस्लिम मतदाता सबसे बड़ा निर्णायक
पश्चिमी यूपी के चारों लोकसभा क्षेत्रों में मुसलमान वोट न सिर्फ निर्णायक भूमिका में है, बल्कि वह नेतृत्व करता भी नजर आता है. मुरादाबाद सीट पर 45 फीसदी, बिजनौर सीट पर 38 फीसदी, सहारनपुर सीट पर 39 फीसदी और अमरोहा सीट 37 फीसदी मुसलमान है.
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