Friday, April 19, 2019

रोहित शेखर की मौत सामान्य नहीं, अज्ञात के खिलाफ हत्या का केस दर्ज

नई दिल्ली. उत्तरप्रदेश और उत्तराखंड के मुख्यमंत्री रहे एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर की मौत सामान्य नहीं थी। शुक्रवार को रोहित की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आई। इसके बाद मामले की जांच दिल्ली क्राइम ब्रांच को सौंपी गई। रोहित की संदिग्ध मौत के मामले में अज्ञात के खिलाफ हत्या की धारा में केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, 16 अप्रैल को रोहित को साकेत स्थित मैक्स अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था।

पुलिस ने कहा था कि रोहित की नाक से खून निकल रहा था। इस बात की जानकारी नौकर ने उसकी मां उज्ज्वला तिवारी को दी थी। रोहित की मां घर पर नहीं थीं। वह चेकअप के लिए अस्पताल गई हुई थीं। हालांकि, उज्ज्वला ने कहा था कि बेटे की मौत स्वाभाविक है। मुझे इसमें कोई भी शक नहीं है। मैं रोहित की मृत्यु के कारणों का खुलासा बाद में करूंगी कि किन हालत में ऐसा हुआ।

2014 में एनडी तिवारी ने रोहित को अपना बेटा स्वीकार किया था
रोहित अपने पिता एनडी तिवारी के साथ लंबे समय तक चले पितृत्व विवाद को लेकर चर्चा में आए थे। वे लंबे समय तक रोहित को अपना बेटा मानने से इनकार करते रहे थे। 2014 में तिवारी ने अदालत के आदेश के बाद रोहित को अपना बेटा स्वीकार कर लिया था। एनडी तिवारी का 93 वर्ष की आयु में 18 अक्टूबर 2018 को निधन हो गया था।

मैनपुरी. उत्तर प्रदेश में 24 साल बाद सपा नेता मुलायम सिंह यादव और बसपा प्रमुख मायावती एक मंच पर नजर आए। मैनपुरी में दोनों दलों की संयुक्त रैली में मायावती ने मुलायम के लिए प्रचार किया। मायावती ने कहा- मुलायम सिंह जी असली, वास्तविक हैं। वे भाजपा की तरह नकली या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरह फर्जी रूप से पिछड़े वर्ग के नहीं हैं। मुलायम को मैनपुर में आप रिकॉर्ड तोड़ वोटों से जिताएं।

वहीं, मुलायम सिंह ने इस रैली में मायावती का आभार जताया। कहा- बहुत दिनों बाद साथ आने के लिए मायावतीजी का अभिनंदन करता हूं। उम्मीद है कि सपा-बसपा का गठबंधन राज्य में भारी मतों से जीतेगा। आज मायावतीजी आई हैं। उनका हम स्वागत करते हैं, आदर करते हैं। मायावती जी का बहुत सम्मान करना हमेशा, क्योंकि समय जब भी आया है, मायावती जी ने हमारा साथ दिया है। हमें खुशी है कि हमारे समर्थन के लिए वे आईं हैं।

चौकीदारी की नाटकबाजी भी मोदी को नहीं बचा पाएगी- मायावती

मायावती ने कहा, "नकली पिछड़ा व्यक्ति कभी भी देश भला नहीं कर सकता। नकली पिछड़े लोगों से धोखा खाने की जरूरत नहीं है। असली-नकली कौन है, इसकी पहचान कर ही अपने गठबंधन को कामयाब बनाना है। पिछड़ों के असली नेता मुलायम जी को ही चुनकर भेजना है।'

"आजादी के बाद काफी लंबे समय तक देश में ज्यादातर सत्ता कांग्रेस और उसके बाद भाजपा या अन्य पार्टियों के हाथ में रही। भाजपा की संकीर्णवादी, सांप्रदायिक नीतियों की वजह से उनकी सरकार वापस चली जाएगी। उनकी चौकीदारी की नाटकबाजी भी नहीं बचा पाएगी।'

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